लोहड़ी 2026: इतिहास, महत्व, पूजा विधि, क्यों मनाई जाती है व शुभकामनाएं


लोहड़ी उत्तर भारत, विशेषकर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश का प्रमुख लोक पर्व है। यह पर्व सर्दियों के अंत और फसल कटाई के मौसम की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। अग्नि (अलाव) के चारों ओर नाच-गाना, पारंपरिक गीत और आपसी मेल-जोल लोहड़ी की आत्मा है।

Happy Lohri 2026

लोहड़ी का इतिहास 

लोहड़ी का इतिहास लोककथाओं और कृषि परंपराओं से जुड़ा है। सबसे प्रसिद्ध कथा दुल्ला भट्टी की है, जिन्हें पंजाब का रॉबिन हुड कहा जाता है। उन्होंने अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाई और गरीब परिवारों की बेटियों की रक्षा की। लोहड़ी के लोकगीतों में आज भी दुल्ला भट्टी का उल्लेख मिलता है, जो इस पर्व की सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है।

लोहड़ी क्यों मनाई जाती है?

लोहड़ी मुख्य रूप से रबी फसल के मौसम से जुड़ी है। यह त्योहार किसानों के लिए नई उम्मीदों और समृद्धि का प्रतीक है।
मुख्य कारण:

  • सर्दियों के अंत का स्वागत
  • नई फसल (विशेषकर गेहूं) की शुरुआत
  • सूर्य देव और अग्नि देव को धन्यवाद
  • समाज में खुशी और एकता का उत्सव

लोहड़ी का महत्व

लोहड़ी का धार्मिक, सामाजिक और कृषि—तीनों दृष्टि से विशेष महत्व है:

  • धार्मिक महत्व: अग्नि को साक्षी मानकर कृतज्ञता व्यक्त की जाती है।
  • सामाजिक महत्व: परिवार और समुदाय एक साथ आते हैं।
  • कृषि महत्व: मेहनत के फल और आने वाली समृद्धि का उत्सव।

लोहड़ी की परंपराएं और पूजा विधि

लोहड़ी की शाम को लोग खुले स्थान पर अलाव जलाते हैं और उसकी परिक्रमा करते हैं।
अलाव में चढ़ाई जाने वाली सामग्री:

  • तिल
  • गुड़
  • मूंगफली
  • रेवड़ी
  • पॉपकॉर्न

इसके बाद भांगड़ा और गिद्दा, पारंपरिक गीत और प्रसाद वितरण होता है।

विशेष रूप से कब मनाई जाती है लोहड़ी?

  • नवविवाहित जोड़ों के लिए
  • नवजात शिशु के जन्म के बाद पहली लोहड़ी
  • इन अवसरों पर लोहड़ी का उत्सव और भी भव्य रूप में मनाया जाता है।

लोहड़ी की शुभकामनाएं 

इस लोहड़ी, अपने अपनों के साथ ये शुभकामनाएं साझा करें:

  • लोहड़ी की आग में दुख जल जाएं, खुशियों की फसल लहराए — लोहड़ी की हार्दिक शुभकामनाएं!
  • तिल-गुड़ की मिठास और मूंगफली की सौगात, लोहड़ी लाए आपके जीवन में खुशियों की बरसात।
  • इस लोहड़ी पर आपकी हर मेहनत रंग लाए, और जीवन में सुख-समृद्धि छा जाए।
  • लोहड़ी की पावन अग्नि आपके जीवन को रोशन करे

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लोहड़ी से जुड़े अतिरिक्त तथ्य 

1. लोहड़ी हर साल 13 जनवरी को ही क्यों मनाई जाती है?

लोहड़ी आमतौर पर 13 जनवरी को मनाई जाती है क्योंकि:

  • इसी समय सूर्य मकर राशि में प्रवेश करने वाला होता है
  • इसके अगले दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है
  • यह समय उत्तरायण की शुरुआत माना जाता है, जो शुभ होता है

इसलिए लोहड़ी को सूर्य और प्रकृति के परिवर्तन का पर्व भी कहा जाता है।

2. लोहड़ी और सूर्य पूजा का संबंध

लोहड़ी का गहरा संबंध सूर्य देव से है:

  • किसान सूर्य को अच्छी फसल के लिए धन्यवाद देते हैं
  • आग (अलाव) सूर्य का ही प्रतीक मानी जाती है
  • अग्नि में अर्पित सामग्री कृतज्ञता का संकेत होती है

इसी कारण लोहड़ी को Harvest Festival of North India भी कहा जाता है।

3. भारत में लोहड़ी को और किन नामों से जाना जाता है?

लोहड़ी अलग-अलग राज्यों में अलग नामों और रूपों में मनाई जाती है:

राज्य / क्षेत्रपर्व का नाम
पंजाबलोहड़ी
हरियाणालोहड़ी
हिमाचल प्रदेशलोहड़ी
तमिलनाडुपोंगल
असमभोगाली बिहू
गुजरातउत्तरायण
महाराष्ट्रमकर संक्रांति

सभी पर्वों का उद्देश्य फसल, सूर्य और प्रकृति का सम्मान करना है।

4. लोहड़ी और कृषि 

लोहड़ी किसानों के लिए बेहद खास होती है:

  • गेहूं की फसल खेतों में तैयार होने लगती है
  • किसान मेहनत का उत्सव मनाते हैं
  • आने वाले समय में अच्छी पैदावार की कामना की जाती है

इसलिए लोहड़ी को Farmers’ Festival भी कहा जाता है।

5. बच्चों के लिए लोहड़ी का विशेष महत्व

पारंपरिक मान्यता के अनुसार:

  • बच्चे घर-घर जाकर “लोहड़ी मांगते” हैं
  • उन्हें मूंगफली, रेवड़ी और पैसे दिए जाते हैं
  • यह बच्चों में सामाजिक जुड़ाव और खुशी का प्रतीक है

6. लोहड़ी और लोक नृत्य 

लोहड़ी अधूरी मानी जाती है बिना:

  • भांगड़ा (पुरुषों का नृत्य)
  • गिद्दा (महिलाओं का नृत्य)

ये नृत्य:

  • खुशी
  • ऊर्जा
  • सामूहिक उत्सव का प्रतीक हैं।

7. लोहड़ी में आग (Bonfire) का वैज्ञानिक और सांस्कृतिक अर्थ

अलाव जलाने के पीछे:

  • सर्दी से राहत
  • कीटाणुओं का नाश
  • सामूहिक ऊर्जा का निर्माण

सांस्कृतिक रूप से:

  • बुराई का अंत
  • नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

लोहड़ी से जुड़ी कुछ रोचक मान्यताएं

  • लोहड़ी की आग जितनी ऊँची जले, साल उतना शुभ माना जाता है
  • पहली लोहड़ी विशेष रूप से शुभ मानी जाती है
  • आग के चारों ओर परिक्रमा करना सकारात्मक ऊर्जा देता है
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